श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को एक बार फिर सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। अब कांग्रेस इस प्रस्ताव पर प्रदेश नेतृत्व और पार्टी हाईकमान से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेगी।
कांग्रेस को फिर सरकार में शामिल होने का न्योता
सूत्रों के मुताबिक, नेकां नेतृत्व ने हाल ही में कांग्रेस के सामने सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में पार्टी नेताओं की कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर प्रभारी और राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन के साथ बातचीत भी हुई है।
नेकां की ओर से दिए गए इस प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के भीतर भी सरकार में शामिल होने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
उमर अब्दुल्ला सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चा काफी समय से चल रही है। ऐसे में कांग्रेस को सरकार में शामिल करने की नेकां की पेशकश को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
यदि कांग्रेस सरकार में शामिल होने पर सहमत होती है, तो मंत्रिमंडल में उसे प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है। इससे दोनों सहयोगी दलों के बीच सत्ता में भागीदारी का समीकरण भी स्पष्ट हो सकता है।
अधिकतम इतने मंत्री हो सकते हैं
जम्मू-कश्मीर के मौजूदा संवैधानिक प्रावधानों के तहत विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के आधार पर मंत्रिपरिषद के आकार की एक निर्धारित सीमा है। इसी के तहत मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद में अधिकतम 10 मंत्री हो सकते हैं।
ऐसे में संभावित विस्तार में कितने नए चेहरों को जगह मिलेगी और किन मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कांग्रेस के फैसले पर टिकी नजर
नेकां के प्रस्ताव के बाद अब कांग्रेस के सामने सरकार में शामिल होने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला है। पार्टी प्रदेश नेतृत्व के साथ चर्चा करने के बाद हाईकमान के स्तर पर इस प्रस्ताव पर विचार करेगी।
फिलहाल, कांग्रेस की ओर से सरकार में शामिल होने को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। यदि दोनों दलों के बीच सहमति बनती है, तो जम्मू-कश्मीर सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकता है।


