चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों के लिए कृषि मशीनरी पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर राहत की खबर है। राज्य सरकार ने अनुदान वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का फोकस खास तौर पर पराली प्रबंधन से जुड़ी कृषि मशीनरी खरीदने वाले किसानों को समय पर सब्सिडी उपलब्ध कराने पर है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसान द्वारा मशीन खरीदते ही उसका भौतिक सत्यापन कराया जाए। इससे सत्यापन की प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा और पात्र किसानों को जल्द अनुदान मिल सकेगा।
मशीन खरीद के बाद तुरंत होगा सत्यापन
सरकार के निर्देश के मुताबिक, किसान द्वारा पराली प्रबंधन से संबंधित कृषि मशीन खरीदने के बाद संबंधित अधिकारियों को उसका भौतिक सत्यापन जल्द पूरा करना होगा। सत्यापन के दौरान मशीन की खरीद और पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र किसानों को सब्सिडी प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
DBT के जरिए खाते में पहुंचेगी राशि
भौतिक सत्यापन पूरा होने और पात्रता की पुष्टि के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे अनुदान वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को भुगतान में अनावश्यक देरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर
हरियाणा में धान की कटाई के बाद पराली प्रबंधन एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। सरकार कृषि मशीनरी पर अनुदान देकर किसानों को फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
नई व्यवस्था से पराली प्रबंधन से जुड़ी मशीनरी खरीदने वाले किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। सरकार ने अधिकारियों को प्रक्रिया को सरल और तेज रखने के साथ पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है।


