नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों, खासकर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को मुर्गी पालन शुरू करने के लिए उन्नत नस्ल के चूजे और शुरुआती अवधि के लिए मुर्गी दाना उपलब्ध कराया जाता है।
45 चूजे और 10 किलो दाना मिलेगा
योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 45 उन्नत नस्ल के चूजे दिए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही चूजों के शुरुआती पालन-पोषण के लिए 10 किलो मुर्गी दाना भी उपलब्ध कराया जाता है। इससे ग्रामीण परिवारों को कम लागत में मुर्गी पालन शुरू करने में मदद मिलती है।
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है। खासकर महिलाओं को इस गतिविधि से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
मुर्गी पालन के जरिए परिवार अंडे और मुर्गियों का उत्पादन कर घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया के अनुसार दिया जाता है। इच्छुक ग्रामीण परिवारों को अपने क्षेत्र के पशुधन विकास विभाग या संबंधित पशु चिकित्सा केंद्र से योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्धता की जानकारी लेनी चाहिए।
योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर पशुपालन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देने और परिवारों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।


