नई दिल्ली। दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने लोगों को राहत दी है। ICMR के मुताबिक भारत में H1N1 वायरस का कोई नया या असामान्य स्ट्रेन सामने नहीं आया है। मौजूदा संक्रमण मौसमी इन्फ्लुएंजा के पैटर्न का हिस्सा है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली में बढ़े H1N1 के मामले
दिल्ली में इस साल H1N1 संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 20 अगस्त तक दिल्ली में 1,777 H1N1 मामले दर्ज किए गए थे। इसी अवधि में इन्फ्लुएंजा ए के कुल मामलों की संख्या 2,392 और इन्फ्लुएंजा ए और बी को मिलाकर कुल मामले 2,602 तक पहुंच गए थे।
इसके बाद भी राजधानी में नए मामले सामने आते रहे हैं। 26 अगस्त तक दिल्ली में एक दिन में 138 नए H1N1 मामले दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई, जिससे इस साल का आंकड़ा 2,446 तक पहुंच गया।
कौन सा वायरस फैल रहा है?
ICMR वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में फिलहाल फैल रहा Influenza A (H1N1)pdm09 वायरस नया नहीं है। यह A/Missouri/11/2025 (H1N1)pdm09-like virus से संबंधित है और 2025 से ही इसके संक्रमण सामने आते रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इसे मौजूदा मौसमी इन्फ्लुएंजा गतिविधि का हिस्सा बताया है।
ICMR के मुताबिक वर्तमान में फैल रहे वायरस के स्ट्रेन उत्तरी गोलार्ध के लिए सुझाए गए मौजूदा फ्लू वैक्सीन स्ट्रेन से अच्छी तरह मेल खाते हैं।
ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के
ICMR के अनुसार मौसमी इन्फ्लुएंजा, जिसमें H1N1 भी शामिल है, ज्यादातर मामलों में स्वयं सीमित रहने वाला संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हो सकते हैं। अधिकांश लोग उचित देखभाल और आराम के साथ ठीक हो जाते हैं।
हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की नजर, अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश
दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकारी अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की गई है और H1N1 मरीजों के इलाज तथा निगरानी को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
ICMR ने भी स्पष्ट किया है कि स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। इसलिए लोगों को अफवाहों से बचने के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन नए या अधिक खतरनाक H1N1 स्ट्रेन की खबरों को लेकर फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है।


