विद्वान आचार्यों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ रुद्राभिषेक, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए बाबा भोलेनाथ के दिव्य दर्शन
जनपद कानपुर नगर
घाटमपुर। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की आराधना और उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इसी क्रम में घाटमपुर तहसील क्षेत्र के हथेरूवा गांव स्थित हनुमान गढ़ी सरकार मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार के समापन के अवसर पर मंगलवार को भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं भव्य श्रृंगार किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ रुद्राभिषेक
करन सिंह भदौरिया एवं विजय सिंह भदौरिया के द्वारा विद्वान आचार्यों के सानिध्य में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कराया गया। इस दौरान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन संपन्न कराया।
रुद्राभिषेक में भगवान शिव को दूध, दही, शहद, घी, जल, बेलपत्र, धतूरा, फल, मिष्ठान, पुष्प सहित विभिन्न पूजन सामग्रियां अर्पित की गईं। पूरे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
अलौकिक श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
रुद्राभिषेक के पश्चात बाबा भोलेनाथ का मनोहारी एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। भगवान शिव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर में भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया।
श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। आरती के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
रुद्राभिषेक एवं पूजन-अर्चन संपन्न होने के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हथेरूवा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बड़ी संख्या में भक्त रहे मौजूद
धार्मिक आयोजन में करन सिंह भदौरिया, राजबहादुर सिंह, शिव सिंह, राकेश तिवारी, अवधेश तिवारी, धनीराम गुप्ता, संतोष सिंह, श्रीराम अवस्थी, लल्लू सिंह चौहान, इंद्रपाल यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।
हर-हर महादेव के जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का माहौल बना दिया।


