Homeउत्तर प्रदेशग्रामीण पत्रकारों ने छह मांगों को लेकर प्रभारी मंत्री से की मुलाकात

ग्रामीण पत्रकारों ने छह मांगों को लेकर प्रभारी मंत्री से की मुलाकात

सोनभद्र। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संगठन से जुड़े पत्रकारों ने मंगलवार को प्रदेश सरकार के प्रभारी राज्य मंत्री एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से मुलाकात की। पत्रकारों ने ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए शासन स्तर पर आवश्यक पहल किए जाने की मांग की।

पत्रकारों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों के बावजूद गांव-गांव तक शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और आमजन की समस्याओं को पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण पत्रकारिता लोकतंत्र की जमीनी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में ग्रामीण पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

ज्ञापन में उठाई गईं छह प्रमुख मांगें

1. जिला मुख्यालय पर कार्यालय भवन की व्यवस्था:
एसोसिएशन के जिला मुख्यालय के लिए अन्य संगठनों की तर्ज पर कार्यालय भवन उपलब्ध अथवा आवंटित कराने की मांग की गई, ताकि दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों को बैठक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए सुविधा मिल सके।

2. आयुष्मान भारत योजना का लाभ:
मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तर्ज पर ग्रामीण पत्रकारों और उनके परिवारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग की गई। इसके लिए जिला सूचना कार्यालय के माध्यम से कार्यरत संवाददाताओं की सूची तैयार कराने का सुझाव दिया गया।

3. टोल टैक्स में छूट:
समाचार संकलन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आवागमन करने वाले ग्रामीण पत्रकारों को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स से छूट दिए जाने की मांग रखी गई।

4. बीमा और वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन:
ग्रामीण पत्रकारों को शासन की बीमा योजना में शामिल करने तथा लंबे समय से आंचलिक पत्रकारिता कर रहे 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ ग्रामीण पत्रकारों को पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की गई।

5. प्राथमिकी से पहले राजपत्रित अधिकारी से जांच:
पत्रकार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने से पहले जिला पुलिस के किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच अनिवार्य किए जाने की मांग की गई, ताकि पत्रकारों के अनावश्यक उत्पीड़न पर रोक लग सके और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।

6. तहसील स्तर पर नियमित बैठक:
जिला स्तर की स्थायी समिति की तर्ज पर तहसील स्तर पर भी प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीण पत्रकारों की नियमित बैठक आयोजित कराने की मांग की गई। इन बैठकों में संबंधित तहसील अध्यक्षों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी ज्ञापन में रखी गई।

कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था पर मंत्री ने दी जानकारी

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने पत्रकारों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में शासन की ओर से घोषणा की जा चुकी है और इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया गया है।

मंत्री ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि संगठन की बैठकों एवं अन्य गतिविधियों के लिए भवन की व्यवस्था कराने का भी जल्द प्रयास किया जाएगा। आश्वासन मिलने पर पत्रकारों ने मंत्री का आभार व्यक्त किया तथा अन्य मांगों पर भी शासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई।

निर्भीक पत्रकारिता के लिए सुरक्षित माहौल जरूरी

जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। साथ ही शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पत्रकारों को सम्मान, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें किसी विशेष सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण पत्रकारिता को मजबूत करने और पत्रकारों को निर्भीक होकर जनहित में कार्य करने के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़ी हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular