देवरिया। ईद मिलाद-उल-नबी के अवसर पर गुरुवार को भाटपार रानी कस्बे और आसपास के गांवों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों ने नात-ए-मुस्तफा पढ़ते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी मनाई।
जुलूस का आयोजन जामा मस्जिद भाटपार रानी के मौलाना एवं हाफिज मुजीब अहमद राज तथा मस्जिद कमेटी की देखरेख में किया गया। सुबह करीब 8 बजे जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस चिकटोली, रतसिया मोड़, शिव मंदिर, आर्य चौक, दुर्गा मंदिर रोड और स्टेशन रोड होते हुए बेलपार चौराहे तक पहुंचा। जुलूस में हाथी-घोड़ों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
जुलूस के मार्ग में स्थानीय लोगों ने मिलाद-उल-नबी की खुशी में जगह-जगह मिठाई, शरबत और पानी की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे मार्ग पर धार्मिक नारों और नातों की आवाज सुनाई देती रही।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय उर्फ बबलू भी जुलूस में शामिल हुए। उन्होंने जुलूस में मौजूद लोगों को ईद मिलाद-उल-नबी की मुबारकबाद दी। विधायक ने कहा कि सभी लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मिलकर इस अवसर को मनाते रहें। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में भी उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में शामिल करने का आग्रह किया।
जामा मस्जिद कमेटी की ओर से डॉ. मोहर्रम अंसारी, मोहम्मद ईशा, मास्टर कामरान, मास्टर गुड्डू कुरैशी, ठेकेदार शहाबुद्दीन अली, डॉ. जुनैद अली, सेवक सलीम अली, अशरफ कुरैशी, मोहम्मद इस्माइल लारी, मोहम्मद इब्राहिम लारी, जावेद अली, मोहम्मद चांद कुरैशी, अनवर अंसारी, गुल मोहम्मद, मोहम्मद शाह आलम, मोहम्मद अलाउद्दीन अली समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जुलूस निर्धारित मार्ग से वापस जामा मस्जिद पहुंचा, जहां शीरनी की फातिहा पढ़ी गई और देश में अमन-चैन, भाईचारे तथा मुल्क की हिफाजत के लिए दुआ की गई।
जुलूस को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भाटपार रानी थाने की पुलिस टीम बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रही और पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।


