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अमेरिका में आंध्र प्रदेश की महिला का डिपोर्टेशन केस खारिज, फिर भी ICE की हिरासत में

अमेरिका में करीब तीन दशक से रह रही आंध्र प्रदेश की वेंकटा नरसामंबा वासमसेट्टी का निर्वासन (डिपोर्टेशन) मामला अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बावजूद वह फिलहाल अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हिरासत में हैं। उनके परिवार का कहना है कि अदालत के फैसले के बाद भी उन्हें हिरासत में रखे जाने से वे चिंतित हैं।

नरसामंबा मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में अमलापुरम के पास स्थित एक गांव की रहने वाली हैं। वह वर्ष 1999 में अमेरिका गई थीं, जहां उनके पति एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में काम करते थे। वर्ष 2013 में उन्हें अमेरिका का ग्रीन कार्ड मिला। इसके बाद उन्होंने वेक काउंटी पब्लिक स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया और अपनी दो बेटियों का पालन-पोषण किया। उनकी एक बेटी डॉक्टर और दूसरी इमिग्रेशन लॉयर हैं। उनके बच्चे और पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं।

पिता की बीमारी के दौरान भारत आई थीं

परिवार के मुताबिक, नरसामंबा अपने बीमार पिता से मिलने के लिए समय-समय पर भारत आती-जाती थीं। जुलाई 2022 में पिता की तबीयत बिगड़ने पर वह भारत आईं। इसी दौरान वह कोरोना संक्रमित हो गईं, जिसके कारण अमेरिका लौटने में छह महीने से अधिक की देरी हुई।

अमेरिका लौटने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने उनके लंबे समय तक अमेरिका से बाहर रहने को आधार बनाते हुए उनकी स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड) स्थिति पर सवाल उठाया। इसके बाद उनके खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई शुरू हुई।

कोर्ट ने निर्वासन की कार्रवाई खत्म की

मामले की सुनवाई के दौरान नरसामंबा को घर पर रहने की अनुमति दी गई थी। उन्हें शार्लेट में ICE के समक्ष नियमित रूप से उपस्थित होना होता था। परिवार के अनुसार, उन्होंने सभी निर्धारित अपॉइंटमेंट का पालन किया।

उनके वकील ने अदालत में कई दस्तावेज पेश किए, जिनके माध्यम से यह दलील दी गई कि नरसामंबा का अमेरिका में अपना घर, परिवार और नौकरी छोड़ने या स्थायी रूप से देश से बाहर रहने का कोई इरादा नहीं था।

मामले में सरकार निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। 19 मई को न्यायाधीश ने माना कि सरकार ऐसा पर्याप्त और ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाई, जिसके आधार पर नरसामंबा को निर्वासित किया जा सके। इसके बाद उनके खिलाफ चल रही डिपोर्टेशन कार्यवाही समाप्त कर दी गई और उनकी स्थायी निवासी की स्थिति बरकरार रही।

केस खत्म होने के बाद भी ICE की हिरासत में

अदालत द्वारा निर्वासन की कार्रवाई समाप्त किए जाने के बावजूद नरसामंबा के ICE की हिरासत में होने की खबर ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। परिवार अब उनकी रिहाई और अमेरिका में उनके कानूनी स्थायी निवासी दर्जे के अनुरूप स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग कर रहा है।

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